बिज़नेस कोई भी छोटा नहीं होता है लेकिन आप शहर की सीमित पर बिज़नेस करेंगे तो उस जगह के कारण बिज़नेस छोटा रह जाता है। शहर की सीमित पर बिज़नेस को ज्यादा बड़ा नहीं बनाया जा सकता है। कोई यह कहता है की उसका बिज़नेस छोटे स्तर का है इसका मतलब यह है की उसके बिज़नेस एक शहर तक ही सीमित है। अब इंडिया बदल रहा है और लोग अब एक जगह बैठे बैठे ही डॉलर में भी कमाई कर रहे है। अगर आपको भी डॉलर में कमाई शुरू करना है तो इसे लेख को ध्यान से पढ़े। इस बिज़नेस में आप बहुत ही कम पूंजी लगाकर बहुत अधिक मुनाफा कमा सकते है।
बिज़नेस शुरू करने के लिए ना तो आपको मशीन खरीदने में पैसे लगाना है और ना ही कोई प्रोडक्ट बनाने में पैसे लगाना है। आपको कोई मशीन की जरुरत नहीं है और प्रोडक्ट भी नहीं बनाना है। इस बिज़नेस में आपका सबसे बड़ा काम यह होगा की अपने लोकल मार्केट में कोई ऐसा प्रोडक्ट खोजना है जो विदेशी मार्केट में मौजूद ना हो। प्रोडक्ट ऐसा चुने जिसकी विदेशो में अच्छी बिक्री हो सके। यानि कोई ऐसा प्रोडक्ट जो वैश्विक बाजार में मिलता ही नहीं हो, वह सिर्फ आपके लोकल मार्केट में मौजूद हो।
प्रोडक्ट का चयन करने के बाद आपके बिज़नेस के लिए सही नाम चुनें और GST नंबर और गुमास्ता लाइसेंस के लिए अप्लाई कर दे और साथ ही इम्पोर्ट एक्सपोर्ट लाइसेंस भी आपको चाहिए जिसकी आवेदन शुल्क 500 रुपये होता है तो इसके लिए भी आवेदन कर दे। यही 500 रूपये एक्स्ट्रा खर्च वाला लाइसेंस आपको विदेशो में प्रोडक्ट बेचने की परमिशन देगा। इन सभी लाइसेंस की प्रक्रिया ऑनलाइन होता है आप आसानी से इनका आवेदन कर सकते है। या किसी एजेंट से भी आप इन लाइसेंस को बनवा सकते है। सभी लाइसेंस मिले के बाद जो ई-कॉमर्स वेबसाइट विदेशो में काम करती है उन वेबसाइटों पर आपने बिज़नेस का रजिस्ट्रेशन कर ले। जैसे फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और अन्य विदेशी वेबसाइट है।
आज के समय में आप अधिक अंग्रेजी ज्ञान के बिना भी विदेशो में अपना बिज़नेस कर सकते है। शुरुआत में शब्दकोश का उपयोग करते रहे। सभी वेबसाइट पर प्रोडक्ट लिस्ट करे और जैसे ही उस प्रोडक्ट का आर्डर आपको मिलता है फिर आपको अपने लोकल मार्केट से उस प्रोडक्ट को खरीदना है और बहुत ही शानदार पैकिंग करके तैयार रखे। आपके बिज़नेस एड्रेस से ई-कॉमर्स वेबसाइट का कोई सदस्य प्रोडक्ट्स को ले जायेगा। फिर जैसे ही प्रोडक्ट् डिलीवर होगा आपको अपना पैसा मिल जायेगा।
