सभी लोग ऐसे बिज़नेस की तलाश में रहते है जिसमे मुनाफा ज्यादा और कॉम्पिटिशन कम रहे और भविष्य में उस बिज़नेस को बड़े लेबल तक ले जा सके। अगर आप भी यही ढूंढ रहे है तो आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही एक बिज़नेस आईडिया की जानकारी प्रदान कर रहे है। इस बिज़नेस को आप 50 हजार रूपये में छोटे पैमाने से शुरू कर सकते है और आगे चलकर इसे लाखों के टर्नओवर वाला बिज़नेस बना सकते है। क्युकी भविष्य में इसमें आसमान की तरह अपार संभावनाएं हैं।
हम सभी घरो से निकलने वाली कॉपी, किताब और न्यूज़पेपर की रद्दी से तो भलीभांति परिचित है। इस बिज़नेस में बहुत ही अच्छा प्रॉफिट मार्जिन होता है। ऐसे ही एक नोटबुक का भी व्यवसाय है जो एक अच्छे मार्जिन वाला धंधा है। हमारे देश में खाली नोटबुक बेचकर ही लाखो लोग अच्छा बिज़नेस कर हरे है और अपना घर चला रहे है।
अब हम कुछ यूनिक करेंगे और इन दोनों बिज़नेस को मिलाकर एक यूनिक बिज़नेस शुरू करेंगे। आपको एक अच्छी नोटबुक बनाने की मशीन खरीदनी है जो की लगभग ₹15000 में आ जाएगी और एक अच्छी सी वेबसाइट बनवानी है जो की ₹10000 तक बन कर तैयार हो जाएगी। सभी सोशल मीडिया पर अपना पेज बना लेना है। साथ ही फेसबुक और गूगल पर लगातार विज्ञापन चलाते रहेंगे। अब मार्केट में रद्दी का जो भी भाव चल रहा है उससे हम 1 रुपया अधिक पेय करके रद्दी खरीदेंगे और रद्दी के बदले पैसे ना देकर उस कीमत की नोटबुक दे देंगे।
जो आपने वेबसाइट बनाई है उसके द्वारा आपको ग्राहक बताएँगे की उनके पास रद्दी कितनी है। आप उनसे वह रद्दी खरीदेंगे और उसके बदले में आप उन्हें आपकी बनाई नोटबुक दे देंगे। स्टूडेंट तो लगभग हर घर में होते ही है और जहां से आपको कॉपी किताब की रद्दी मिलेगी वहा तो स्टूडेंट होंगे ही। इसलिए उन्हें नोटबुक की भी जरूरत रहती ही है। यहाँ पर एक पंथ दो काज वाली कहावत लागु होती है। दद्दी के द्वारा आपका परिवहन का खर्च निकलेगा और आपकी नोटबुक को आप डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर देना शुरू कर देंगे। दुनिया में बिना डीलर-डिस्ट्रीब्यूटर के धंधा करना सबसे बढ़िया बिज़नेस मॉडल माना जाता है।
